एवीएस न्यूज.भोपाल
उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दर लागू की प्रक्रिया लागू होने के बाद भी वेट अधिनियम के तहत 1 जुलाई 2017 से पेट्रोल-डीजल, देशी-विदेशी  शराब और नेचुरल गैस में वेट दर लागू है।

पूर्व में वेट अधिनियम के अंतर्गत वर्ष में 10 करोड़ रुपए से अधिक का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के लिए अलग से ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रावधान था, परंतु अब विभाग ने पेट्रोल-डीजल, मदिरा और नेचुरल गैस का व्यापार करने वाले व्यापारियों को बिक्री पिछले वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपए से ऊपर कर दी है और इन्हें आयकर की ऑडिट रिपोर्ट को मान्यता प्रदान कर दी गई है। अत: आयकर अधिनियम के अंतर्गत कराए गए ऑडिट की रिपोर्ट  प्रस्तुत करने के लिए 15 नवंबर 2025 तक का समय दिया गया है और रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया।  अगर इस अवधि में ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं हुआ तो उक्त व्यवसायियों को जुर्माना भुगतना पड़ेगा। 

 अभी तारीख 15 नवंबर सुनिश्चित है, इसे बढ़ाई जाए : मृदुल आर्य 
अत: उक्त व्यवसायियों और करसलाहकारों की ओर टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृदुल ऑर्य ने  सरकार और विभाग से मांग की है कि जिस प्रकार आयकर अधिनियम के अंतर्गत कराए गए ऑडिट की रिपोर्ट तारीख की समय सीमा में बढ़ोत्तरी की गई। उस प्रकार वाणिज्णिक कर विभाग भी वेट की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा जो 15 नवंबर सुनिश्चित है की तारीख में वृद्धि करें। ताकि वेट ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले व्यवसायियों और करसलाहकारों को राहत प्राप्त हो। क्योंकि सर्वर डाउन और पोर्टल के शटडाउन होने से रिवाइज्ड की सुविधा सही ढंग नहीं मिल पा रही है।