अमेजन पे ने इंडस्ट्री में पहली बार यूपीआई बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लॉन्च किया
एवीएस न्यूज.भोपाल
अमेजन पे ने आज यूपीआई बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लॉन्च करने की घोषणा की। इसके साथ ही अमेजन पे यह जबरदस्त फीचर शुरू करने वाला भारत का पहला पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर बन गया है। अब ग्राहक बिना पिन याद रखे या डाले, सिर्फ फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन से अपने ट्रांजैक्शन को मंजूरी दे सकते हैं। चाहे किसी दोस्त को पैसे भेजने हों, दुकान पर भुगतान करना हो या अमेजन पे यूपीआई के जरिए बैलेंस चेक करना हो अब आपकी उंगली का निशान या चेहरा ही आपकी सुरक्षित चाबी बनेगा।
नई बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सुविधा के तहत 5,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होगी। शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि ग्राहकों को यह अनुभव काफी पसंद आ रहा है। पात्र पीयर-टू-पीयर यूपीआई ट्रांजैक्शन में 90 प्रतिशत से ज्यादा ग्राहक बायोमेट्रिक विकल्प को चुन रहे हैं। यह नई सुविधा भुगतान प्रक्रिया को तेज, आसान और सुरक्षित बनाती है, क्योंकि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ग्राहक के डिवाइस से जुड़ा होता है और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जा सकता। एक हाथ से आसानी से इस्तेमाल, जिससे भुगतान और तेज होगा, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए ज्यादा सुरक्षा, 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन के लिए पिन-फ्री ऑथेंटिकेशन, पैसे भेजने, स्कैन एंड पे और मर्चेंट पेमेंट में आसान और बिना रुकावट इस्तेमाल। अमेजन इंडिया के डायरेक्टर ऑफ पेमेंट्स गिरीश कृष्णन ने कहा, “हमारा लक्ष्य हमेशा डिजिटल पेमेंट को आसान और सुरक्षित बनाना रहा है।
यूपीआई बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ हम रोजमर्रा के भुगतान से एक और झंझट खत्म कर रहे हैं और पेमेंट को दोगुना तेज बना रहे हैं। जिस तरह से ग्राहक इसे अपना रहे हैं, उससे साफ है कि वे तेजी, सरलता और भरोसे को महत्व देते हैं। अब तक जो प्रतिक्रिया मिली है, वह खासतौर पर इस अनुभव की सहजता और तेजी को लेकर बेहद उत्साहजनक है और यह हमें भारत में डिजिटल भुगतान के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए प्रेरित करती है।
यह लॉन्च यूपीआई भुगतान को और सुरक्षित, तेज और आज के दौर में ग्राहकों के डिवाइस इस्तेमाल करने के तरीके के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुविधा फिलहाल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है, जो भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में अमेजन पे को एक इनोवेशन लीडर के रूप में और मजबूत करती है।

