एवीएस न्यूज. रायपुर 
रायपुर में आयोजित NDTV Emerging Chhattisgarh कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया है। 1 जुलाई से प्रभावी इस कानून के तहत बहला-फुसलाकर या लालच देकर धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई और सजा का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि गलत तरीके से धर्मांतरण कराने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही, समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति गठित की जा चुकी है और सरकार का लक्ष्य शीतकालीन सत्र तक इसे लागू करना है।


रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई साल में 20 हजार से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया जारी है। 5 हजार शिक्षकों की भर्ती भी जल्द पूरी होगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश से निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बन रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के एमओयू धरातल पर नहीं उतरे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच जारी है और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।


नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सीएम ने कहा कि जनता का कांग्रेस पर भरोसा खत्म हो चुका है.
महिला सशक्तिकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। अब तक 10.30 लाख से अधिक महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग बेटियों के भविष्य, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कर रही हैं। सरकार स्वयं सहायता समूहों को भी ऋण और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही है।


बस्तर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण दशकों तक विकास प्रभावित रहा, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। बस्तर में सड़क, अस्पताल, स्कूल, सिंचाई, स्वास्थ्य, पर्यटन और निवेश पर तेजी से काम हो रहा है। सीएम स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है, जबकि राशन कार्ड, सिंचाई, होम-स्टे, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी योजनाओं से स्थानीय लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के समग्र विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है और सुरक्षा कैंपों को धीरे-धीरे सेवा केंद्रों में बदला जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार पर विशेष फोकस है। पारंपरिक ढेंकी के चावल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और उसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।