एवीएस न्यूज.भोपाल 
मध्य प्रदेश में जीएसटी से संबंधित द्वितीय अपीलों की सुनवाई का लंबे समय से इंतजार कर रहे व्यापारियों और कर सलाहकारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल ने अपीलों की सुनवाई शुरू करने की घोषणा कर दी है। ट्रिब्यूनल में 25 जून से नियमित रूप से मामलों की सुनवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार, ट्रिब्यूनल में वर्तमान में सदस्यों की संख्या सीमित होने के कारण फिलहाल सप्ताह में केवल दो दिन (गुरुवार और शुक्रवार)सुनवाई होगी। सुनवाई ऑनलाइन, व्यक्तिगत रूप से अथवा हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के पक्षकारों और सलाहकारों को सुविधा मिल सके।

प्रारंभिक चरण में ट्रिब्यूनल के समक्ष 50 लाख रुपये से अधिक मांग (डिमांड) वाले मामलों को सूचीबद्ध किया जाएगा। यदि किसी प्रकरण में कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं पाया जाता है, तो ऐसे मामलों को आगे की सुनवाई और प्रक्रिया तय करने के लिए ट्रिब्यूनल के उपाध्यक्ष के पास भेजा जाएगा।


 अब ट्रिब्यूनल की स्थापना के बाद खुल गया लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता  
ट्रिब्यूनल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई के लिए निर्धारित मामलों की सूची जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल के पोर्टल पर नियमित रूप से प्रदर्शित की जाएगी। उप-पंजीयक (डिप्टी रजिस्ट्रार) ने व्यापारियों, कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे सूची पर लगातार नजर बनाए रखें ताकि किसी भी निर्धारित सुनवाई से संबंधित जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।

 टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मृदुल आर्य ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से द्वितीय अपीलों की सुनवाई के लिए सलाहकारों और व्यापारियों को लगभग नौ वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। अब ट्रिब्यूनल की स्थापना के बाद सुनवाई शुरू होने से लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता खुल गया है।

उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों और कर विभाग दोनों को लाभ मिलेगा। एक ओर व्यापारियों को लंबित कर मांगों के दबाव से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विभाग को राजस्व वसूली और विवादों के समाधान में सहायता प्राप्त होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की नियमित कार्यवाही शुरू होने से राज्य में कर विवादों के त्वरित निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी और जीएसटी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।