देशभर के लंबित मामलों पर 20 जुलाई को होगी सुनवाई, कर सलाहकारों को सकारात्मक फैसले की उम्मीद


 एवीएस न्यूज.भोपाल
जीएसटी कानून के तहत अपील दाखिल करने में हुई देरी के कारण निरस्त हुई अपीलों के मामलों में अब राहत की उम्मीद जगी है। विभिन्न कारणों से समय पर अपील प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले व्यापारियों के प्रकरणों की बड़ी संख्या को देखते हुए जीएसटी ट्रिब्यूनल की मुख्य पीठ ने तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन किया है, जो देशभर से विलंब से प्रस्तुत द्वितीय अपीलों पर सुनवाई करेगी।

जीएसटी प्रावधानों के अनुसार किसी आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल करने के लिए तीन महीने का समय निर्धारित है। इसके अतिरिक्त अपील अधिकारी अधिकतम एक महीने की देरी को स्वीकार कर सकता है। लेकिन कई मामलों में व्यापारियों को उनके विरुद्ध पारित आदेशों की जानकारी समय पर नहीं मिल पाने या अन्य परिस्थितियों के कारण निर्धारित समय सीमा में अपील दाखिल नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में अपील अधिकारी के पास विलंब को माफ करने का अधिकार सीमित होने के कारण कई अपीलें खारिज कर दी जाती हैं।

इन मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जीएसटी ट्रिब्यूनल की मुख्य पीठ ने विशेष पीठ गठित करने का निर्णय लिया है। यह पीठ पूरे देश में विलंब से दाखिल द्वितीय अपीलों की सुनवाई करेगी। इसके लिए 20 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई है।

कर सलाहकारों का मानना है कि मामलों की गंभीरता और बड़ी संख्या को देखते हुए विशेष पीठ करदाताओं के हित में कोई सकारात्मक निर्णय ले सकती है, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

एडवोकेट मृदुल आर्य ने बताया कि मध्य प्रदेश जीएसटी ट्रिब्यूनल में भी करीब 100 ऐसे मामले हैं, जिनमें प्रथम अपील केवल देरी से प्रस्तुत होने के कारण निरस्त कर दी गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेष पीठ की सुनवाई से ऐसे करदाताओं को राहत मिल सकती है।