वी बिजनेस एमएसएमई ग्रोथ इनसाइट्स स्टडी 2026
एवीएस न्यूज.मुंबई
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। Vodafone Idea (Vi) Business की MSME ग्रोथ इनसाइट्स स्टडी 2026 के अनुसार, सर्वे में शामिल 57% MSME उद्यमों का मानना है कि AI व्यवसाय वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम है, जबकि 25% व्यवसाय पहले से ही अपने संचालन और वर्कफ़्लो में AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।
यह अध्ययन वी बिज़नेस के Ready For Next प्लेटफ़ॉर्म से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है, जिसने 16 क्षेत्रों के 2.5 लाख से अधिक MSME के साथ काम किया है। अध्ययन में पाया गया कि MSME क्षेत्र का डिजिटल मैच्योरिटी इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है और 2026 में 60.8 पर पहुंच गया, जो 2025 में 58.0 तथा 2023 में 55.9 था।
रिपोर्ट के अनुसार, MSME विकास के अगले चरण को तीन प्रमुख तकनीकी कारक प्रभावित करेंगे:
AI के माध्यम से उत्पादकता और बेहतर निर्णय क्षमता।
SaaS-आधारित वर्कप्लेस सहयोग के जरिए बड़े स्तर पर संचालन।
साइबर सुरक्षा के माध्यम से भरोसा, स्थिरता और व्यवसाय की निरंतरता।
इस अवसर पर एम पी सुनील कुमार, चीफ एंटरप्राइज बिजनेस ऑफिसर, Vodafone Idea Limited ने कहा कि भारतीय MSME अब केवल डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बुद्धिमान, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार उद्यम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि AI अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति, डिजिटल परिपक्वता और तकनीकी निवेश यह संकेत देते हैं कि MSME क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
मुख्य तथ्य:
57% MSME AI को व्यवसाय वृद्धि का प्रमुख साधन मानते हैं।
25% MSME पहले से AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।
डिजिटल मैच्योरिटी इंडेक्स 2026 में बढ़कर 60.8 हुआ।
AI, SaaS और साइबर सुरक्षा को भविष्य के विकास के तीन प्रमुख स्तंभ माना गया है।
यह अध्ययन दर्शाता है कि भारतीय MSME क्षेत्र तकनीक-आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रहा है और AI आने वाले वर्षों में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।






