मंडी बोर्ड के आयुक्त सह प्रबंध संचालक कुमार पुरूषोत्तम ने कहा: अवैध परिवहन पर अब 5 गुना समझौता राशि नहीं बल्कि संपूर्ण माल होगा राजसात
कोई अवैध परिवहन करता पाया जाता है मंडी प्रशासन अब समझौता राशि ना लेकर माल को राजसात करेगा। साथ ही साथ आईटी का उपयोग करके व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी की कर अपवंचन शून्य हो।
आत्माराम सोनी.भोपाल
मौजूदा समय में जो कृषि उपज विपणन की व्यवस्था है उसे और बेहतर बनाते हुए किसानों को बेहतर से बेहतर विपणन व्यवस्था और सेवाएं उपलब्ध कराने मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के आयुक्त सह प्रबंध संचालक कुमार पुरूषोत्तम की मूल मंशा है। कृषि उपज विपणन की व्यवस्था को लेकर उनका मूल आशय यह भी है कि मंडी शुल्क के रूप में जो टैक्सेशन व्यवस्था लागू है वह मंडी समिति को मिलें, क्योंकि इस राशि से मंडी का विकास होता है। किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।
मंडी शुल्क चोरी की कई शिकायतें प्राप्त हुई
मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरूषोत्तम को कृषि उपज विपणन के मामले में कई कर चोरी की शिकायतें प्राप्त हुई। जिसके बाद उन्होंने कर चोरी के खिलाफ सख्त और कठोर कदम उठाएं हैं। गौरतलब है कि मौजूदा में कृषि उपज मंडियां में कर चोरी के मामले पकड़े जाने पर प्रशमन शुल्क 5 गुना राशि बतौर मंडी शुल्क का वसूला जा रहा हैं।
सभी आंचलिक संभागों के अधिकारी और मंडी सचिवों को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश
मंडी बोर्ड प्रबंध संचालक कुमार पुरूषोत्तम ने इस व्यवस्था और कठोर बनाने हुए मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया और सभी आंचलिक संभागों के अधिकारी, मंडी सचिवों को निर्देश और आदेशित किया है कि कर चोरी के उजागर होने वाले और पकड़ने जाने पर संपूर्ण माल को राजसात किया जाए।
मंडी प्रशासन की यह कठोर कार्रवाई
इस पूरे मामले पर मंडी बोर्ड एमडी कुमार पुरूषोत्तम ने कहाकि मंडी शुल्क की कर चोरी रोकने के लिए अवैध रूप से परिवहन और विपणन होने वाले कृषि उपज के खिलाफ मंडी प्रशासन की यह कठोर कार्रवाई है, खासकर मूंगफली। क्यों मूंगफली में 1 फीसदी मंडी शुल्क होने के साथ 5 फीसदी जीएसटी का करारोपण है।
ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप किसान भाईयों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो
कुमार पुरूषोत्तम ने कहाकि अब अगर कोई अवैध परिवहन करता पाया जाता है मंडी प्रशासन अब समझौता राशि ना लेकर माल को राजसात करेगा। साथ ही साथ आईटी का उपयोग करके व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी की कर अपवंचन शून्य है। कुमार पुरूषोत्तम ने कहाकि हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक टैक्स प्राप्ति हो, जिससे उस राशि का उपयोग किसानों के हित में किया जाए और सरकार के मंशा के अनुरूप किसान भाईयों को बेहतर से बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
विशेषकर मूंगफली पर देय मंडी शुल्क का हो रहा अपवंचन
कुछ व्यापारियों-परिवहनकर्ताओं द्वारा अधिसूचित कृषि उपज, विशेषकर मूंगफली पर देय मंडी शुल्क का अपवंचन किया जा रहा है। ऐसे मामलों में बिना मंडी शुल्क जमा किए कृषि उपज का परिवहन किया जा रहा है अथवा अनुज्ञापत्रों में कूटरचना कर फर्जी अनुज्ञापत्रों के माध्यम से मंडी शुल्क अपवंचन का प्रयास किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग से ऐसे मामलों की सूचना प्राप्त हुई है, जिनमें मूंगफली का परिवहन, बिना मंडी शुल्क भुगतान किए अथवा कूटरचित अनुज्ञापत्रों के माध्यम से किया गया है।
इस संबंध में निर्देश प्रसारित
परिवहन के दौरान अनुज्ञापत्र के क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी प्रामाणिकता की जांच की जाए। ऐसे किसी भी प्रकरण में, जिसमें अनुज्ञापत्र कूटरचित, फर्जी पाया जाए, अधिनियम की धारा 53 अंतर्गत अपराधों का प्रशमन नहीं किया जाए अपितु वैधानिक कार्यवाही की जाए।
धारा 23 के अंतर्गत कार्रवाई:
धारा 23(3) के तहत संबंधित कृषि उपज को अभिग्रहीत कर मंडी समिति के पक्ष में अधिहृत किया जाए। धारा 23(3) में अपेक्षित औपचारिकता विधिवत रूप से पूर्ण की जाएं। धारा 23(4) के अनुसार, ऐसे अभिग्रहण की रिपोर्ट अधिनियम के अंतर्गत अधिकृत मजिस्ट्रेट को तत्काल प्रेषित की जाए। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की उपयुक्त धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई जाए। यदि संबंधित व्यक्ति अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी है, तो संबंधित मंडी समिति को इसकी सूचना प्रेषित की जाए और संबंधित की अनुज्ञप्ति निरस्ती सुनिश्चित की की जाए। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मंडी शुल्क एवं निराश्रित सहायता शुल्क की पूर्ण वसूली सुनिश्चित की जाए।

