घोषित निर्वाचन कार्यक्रम की सूचना से चेंबर के कई मेंबर वंचित 


आत्माराम सोनी.भोपाल 
राजधानी के व्यापारियों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की वर्तमान चुनाव प्रक्रिया अनियमितता, तानाशाही और आम सदस्यों की अनदेखी का प्रतीक बन गई है । क्योंकि पूर्व में सभी सदस्यों को घोषित निर्वाचन कार्यक्रम की सूचना, होने वाले बदलाव की सूचना, निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व डाक द्वारा या संस्था के कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से चेंबर सभी सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी , ताकि कोई भी सदस्य चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी कर सकें।  परंतु इस बार सदस्यों तक जानकारी पहुंचाने की इस प्रक्रिया की अनदेखी की गई।  काफी लोग तो सोशल मीडिया की दुनिया से दूर है अत: सोशल मीडिया से दूर चेंबर के कई मेंबर अभी भी चेंबर के चुनाव प्रक्रिया की जानकारी से ही वंचित हैं।  


 गतिविधि शुल्क लिया, लेकिन नहीं दी व्यवस्थित व्यक्तिगत रूप से हो रही गतिविधि की सूचना 
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स आजीवन सदस्यता शुल्क के अतिरिक्त गतिविधि शुल्क भी लिया जाता है जो इस बात के  लिए होता है कि संस्था की गतिविधियों के संचालन की जानकारी सदस्यों तक व्यवस्थित रूप व्यक्तिगत पहुंचाई जाई, परंतु गतिविधि शुल्क देने  वाले सदस्य चुनाव जैसे महत्वपूर्ण गतिविधि की ही सूचना से ही वंचित रहे गए। 


 न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुटे कुछ चेंबर के मेंबर 
अंदरखाने की खबर है  कि वर्तमान चुनाव प्रक्रिया में कुछ चेंबर के पूर्व महामंत्री जैसे अन्य पदाधिकारी की तानाशाही रवैए के खिलाफ व्यापारिक संगठनों के कुछ प्रतिनिधि न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुट गए हैं। कुछ ऐसे सदस्य जिनके संपूर्ण शुल्क जमा है परंतु मतदाता सूची में से उनका नाम ही गायब है।  ऐसे व्यापारी भी काफी परेशान दिख रहे हैं इसी वजह से इस बात की शंका है कि पूर्व नियोजित परिणामों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का संचालन तो नहीं किया जा रहा है।

 
  संपूर्ण शुल्क जमा होने के बाद भी मतदाता सूची में नाम नही होने की शिकायत 
निरंकुश व्यवस्थाएं ,सामान्य निर्वाचन प्रक्रिया के 45 दिन के नियम की अवहेलना करती हुई दिख रही यह वर्तमान चुनाव प्रक्रिया से कई ऐसे सदस्य जिनके संपूर्ण शुल्क जमा होने के बाद भी मतदाता सूची में नाम नही होने की शिकायत करते दिख रहे हैं। संस्था के संविधान की जानकारी करना, प्रतिलिपि प्राप्त करना, प्रत्येक सदस्य का वैधानिक अधिकार होता है। अगर सदस्यों द्वारा विधान की कॉपी मांगने पर  कार्यालय द्वारा उपलब्ध नही कराना निश्चित रूप  से सदस्य की वैधानिक अधिकार का हनन  हो रहा है यह मसला बाजार में गर्माया हुआ है।  


 मतदान के अगले दिन मतगणना को लेकर परिणाम प्रभावित होने की शंका, कुशंका का बाजार अभी से गर्म 
संस्था के अभी तक कई दशक चुनाव हो चुके चुनाव प्रक्रिया में अभी तक होता यही रहा है कि मतदान के ठीक एक- दो घंटे पश्चात मतगणना शुरू होती थी और परिणाम घोषित किए जाते थे। लेकिन चेंबर के विधान की अवहेलना करते हुए इस बार यानी वर्तमान चेंबर चुनाव प्रक्रिया में मतदान के बाद मतगणना अगले दिन करना और परिणाम घोषित किया जाना सुनिश्चित किया गया है। जो कि राजधानी के व्यापारियों मेंपरिणाम को लेकर शंका, कुशंका का बाजार अभी से गर्म होने लगा है। क्योंकि पूर्व में इसी संस्था के चुनाव में मतगणना को रोककर अगले दिन जब पुन: प्रारंभ किया तो पहले दिन जीत के प्रत्याशी हारते हुए दिखने लगे थे। इसी घटना क्रम की वजह से व्यापारियों के बीच चर्चा बनी हुई है  कि कही मतदान के अगले दिन मतगणना प्रक्रिया से कही परिणाम प्रभावित न हो।