पड़वार में कृषि रथ यात्रा से किसानों को मिला उन्नत खेती का प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी
मनोज श्रीवास्तव.मानपुर / भोपाल
मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़वार में आज कृषि रथ यात्रा का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाए जाने के तहत यह अभियान जिलेभर में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती तकनीक, फसल विविधीकरण और जैविक खेती के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।
किसानों को योजनाओं की जानकारी
अभियान में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन और सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। साथ ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली और ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शी उर्वरक वितरण प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर जोर
वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की उपयोगिता बताते हुए कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर किसान संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और लागत भी कम होती है।
वैज्ञानिक खेती पर दिया जोर
कार्यक्रम में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के संतुलित उपयोग के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
नई कृषि तकनीकों की जानकारी
कृषि रथ कार्यक्रम में जल संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, पराली प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जैविक खेती और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.पी. तिवारी, डॉ. धनंजय सिंह, तहसीलदार आशीष शर्मा, विभिन्न पटवारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी सहित सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
किसानों ने किया संवाद
कार्यक्रम में किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को तकनीकी सलाह लेकर खेती करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस कृषि रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बताया गया है।






