वाहनों के लिए स्थाई पार्किंग व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को लिखा पत्र 


आत्माराम सोनी.भोपाल
 राजधानी के पुराने भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत सरकार की स्वच्छ, स्वस्थ, डिजिटल एवं स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करना है।

परंतु यह अत्यंत चिंताजनक तथ्य है कि वर्तमान अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही स्थाई परिणाम नहीं दे पा रही है। कुछ ही समय बाद पुन: वही स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे प्रशासनिक प्रयास निष्प्रभावी सिद्ध होते हैं।

यह कहना है पुराने शहर के व्यापारी और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों का। सामाजिक कार्यकर्ता व व्यापारी प्रतिनिधि संजीव गर्ग ने जनहितकारी खाका तैयार किया है और  कलेक्टर भोपाल,  नगर निगम आयुक्त को वाहनों के लिए स्थाई पार्किंग व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा।

 संजीव गर्ग ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मांग की, कि पुराने शहर के बाजारों में अतिक्रमण पर स्थाई नियंत्रण के लिए अभियान स्वरूप दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ जुर्माने की सख्त व्यवस्था हो और यह अभियान निरंतर जारी हो। ताकि पुराने शहर के बाजार अतिक्रमण मुक्त और यहां के व्यापार -व्यवसाय का उत्थान हो। 


 पुराने शहर में अतिक्रमण की समस्या का मूल कारण
उन्होंने पुराने शहर की समस्या का मूल कारण बताते हुए कहाकि गहन अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि कार्यवाही निरंतर एवं सतत नहीं हो रही है। अक्रिमण हटाने के साथ तत्काल जुर्माने का अभाव है, अतिक्रमण को आर्थिक रूप से नुकसान का सौदा नहीं बनाया गया है तथा वाहनों की वैकल्पिक/स्थायी पार्किंग व्यवस्था न होने से सडक़ व फुटपाथ पुन: अवरुद्ध हो जाते हैं। जब तक इन सभी पहलुओं पर एक साथ कठोर निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक न व्यापारी सुधरेंगे और न ही यातायात व्यवस्था सुधरेगी।


 स्थायी समाधान के लिए आवश्यक एवं कठोर निर्णय
 अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही एक दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए। जहां कार्यवाही रुकी, वहीं से अतिक्रमण दोबारा शुरू हो जाता है।  यह अनिवार्य किया जाए कि अतिक्रमण हटाते ही उसी समय जुर्माना लगाया जाए। बिना जुर्माने की कार्यवाही को अपूर्ण एवं निष्प्रभावी माना जाए।


 अवैध वसूली करने वालों पर विशेष सख्ती
 जो अपनी दुकानों के आगे अतिक्रमण लगाने के लिए दूसरों से पैसा वसूलते हैं, जो सार्वजनिक सडक़, फुटपाथ एवं शासकीय भूमि का जानबूझकर व्यावसायिक दुरुपयोग करते हैं, उन पर अत्यधिक कठोर जुर्माना, दुकान सील करने, लाइसेंस निरस्तीकरण एवं कानूनी कार्यवाही की जाए। बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर दोगुना जुर्माना तथा किसी भी प्रकार की रियायत पूर्णत: समाप्त की जाए।
 

निर्माण स्तर पर सख्त नियंत्रण
निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व एवं दौरान स्थल निरीक्षण अनिवार्य किया जाए। नियम विरुद्ध निर्माण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, जिससे भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।
 

वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से निजात के लिए जरूरी 
पुराने शहर में अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण के लिए विशेष रूप से लाइफ-लाइन अस्पताल, यूनानी शफाखाना/ शासकीय, निजी चिकित्सालय, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्र सुव्यवस्थित पार्किंग की सुगमता उपलब्ध कराई।  इन स्थानों के आसपास स्थायी पार्किंग व्यवस्था विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। बिना वैकल्पिक पार्किंग के केवल चालान या हटाने की कार्यवाही से समस्या का समाधान संभव नहीं है।


 

स्थायी समाधान के लिए एक संयुक्त समन्वय मंच गठित किया 
सामाजिक कार्यकर्ता व व्यापारी प्रतिनिधि संजीव गर्ग ने कहाकि स्थायी पार्किंग विकसित होने से सडक़ें बाधा-मुक्त होंगी, आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुगम होगी तथा आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिलेगी। अतिक्रमण एवं पार्किंग समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक संयुक्त समन्वय मंच गठित किया जाए।  जिसमें सांसद , कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, जिला एवं पुलिस प्रशासन, अतिक्रमण दस्ता अधिकारी, संबंधित जनप्रतिनिधि सम्मिलित हों तथा नियमित समीक्षा कर तत्काल निर्णय एवं सख्त अमल सुनिश्चित करें।

 

स्पष्ट चेतावनी दे अवैध पार्किंग कोई भूल नहीं, बल्कि दंडनीय अपराध है 
यह स्पष्ट रूप से सभी को अवगत कराया जाए कि अब अतिक्रमण और अवैध पार्किंग कोई भूल नहीं, बल्कि दंडनीय अपराध है। सार्वजनिक भूमि पर कब्जा और अव्यवस्था फैलाने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भोपाल वास्तविक अर्थों में स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं स्मार्ट शहर बनाने के लिए  शासन- प्रशासन को उक्त बिंदुओं पर ठोस कदम उठाने की अति आवश्यकता है।  

अतिक्रमण खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सुव्यस्थित पार्किंग उपलब्ध इसके लिए ठोस कदम उठाए 
 पुराने शहर में अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या विकराल समस्या है। शासन-प्रशासन को चाहिए इन सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय के लिए सुभाष चौक, पुराना भोपाल, सराफा चौक बाजार सहित सभी व्यापारियों को बुलाकर संवाद कार्यक्रम या फिर चाय पर चर्चा आयोजित करें है। इसमें नगर निगम आयुक्त, भोपाल कलेक्टर, पुलिस एवं यातायात अधिकारी, सांसद-विधायक, महापौर, वरिष्ठ व्यापारी को आमंत्रित करें और अतिक्रमण खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सुव्यस्थित पार्किंग उपलब्ध इसके लिए ठोस कदम उठाए ।
गोविंद गोयल 
 अध्यक्ष, भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्र्री र भी स्थापित किया जाएगा