सिंगरौली। समावेशी विकास और घरेलू सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत पेप्सिको इंडिया ने एफआईसीएसआई (फूड इंडस्ट्री कैपेसिटी एंड स्किल इनिशिएटिव) के सहयोग से मध्य प्रदेश में रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की. पेप्सिको इंडिया की ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ फिलॉसफी से जुड़ा यह उपक्रम राज्य के पांच जिलों सिंगरौली, सीधी, रीवा, शहडोल और सतना की 2,000 ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है. कार्यक्रम के उद्घाटन में ग्राम प्रधान   दीपक कुमार पांडेय और रोजगार सहायक  रमेश कुमार साह उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि यह पहल क्षेत्र की महिलाओं के लिए सतत कृषि और आत्मनिर्भर आजीविका को और आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी.

भारत सरकार के मिलेट की खेती और खपत को बढ़ावा देने पर केंद्रित प्रयासों के अनुरूप, यह संरचित कार्यक्रम मिलेट प्रोसेसिंग के लिए भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में योगदान देगा. इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप महत्वपूर्ण कौशल प्रदान किए जाएंगे और उन्हें एफआईसीएसआई द्वारा ‘मिलेट प्रोडक्ट्स प्रोसेसर’ के रूप में प्रमाणपत्र मिलेगा. प्रशिक्षण में सुरक्षित खाद्य संचालन, स्वच्छता, उत्पाद विकास और उद्यमिता जैसी क्षमताओं को शामिल किया गया है, जिससे महिलाएं मिलेट प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की प्रमुख योगदानकर्ता बन सकेंगी.

50 घंटे का यह कस्टमाइज्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) मोड के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसे रणनीतिक रूप से एनएसक्यूसी द्वारा अनुमोदित नेशनल ऑक्युपेशनल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप तैयार किया गया है. यह उद्योग-संबंधित पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण के प्रमुख क्षेत्रों में व्यावहारिक और नौकरी के लिए तैयार कौशल प्रदान करता है. मुख्य सीखने के परिणामों में उत्पादन की तैयारी, मिलेट-आधारित कॉम्पोजिट आटा तैयार करना, खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना, रोजगारयोग्यता कौशल को बढ़ाना और मिलेट-आधारित बेक्ड व एक्सट्रूडेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन करना शामिल है – जिससे शिक्षार्थी बदलते हुए फूड इंडस्ट्री परिदृश्य में सफल हो सकें.