दीप प्रज्वलन और श्रद्धांजलि के साथ तीन दिवसीय नाट्य समारोह का भव्य शुभारंभ: “मौसा जी” प्रस्तुति में वृद्ध जीवन की संवेदनाओं और अकेलेपन का मार्मिक चित्रण
नाटक रंगीले नौजवान और एक दंपत्ति पर आधारित
एवीएस न्यूज. भोपाल/उमरिया
नगर की समृद्ध रंगमंचीय परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संदेश नाट्य मंच (रंग मंडल) उमरिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य समारोह का शुभारंभ सोमवार को दीप प्रज्वलन, श्रद्धांजलि और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच किया गया।
यह आयोजन संस्था की 30 वर्षों की रंग यात्रा के दूसरे पड़ाव के रूप में आयोजित किया गया है, जिसे उमरिया के दो दिवंगत राष्ट्रीय स्तर के कलाकार स्वर्गीय केशवानंद स्वामी (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली) और स्वर्गीय आशीष स्वामी (शांति निकेतन, कोलकाता) की स्मृति को समर्पित किया गया है।
नाट्य समारोह नगर के दो राष्ट्रीय स्तर के कलाकार स्वर्गीय केशवानंद स्वामी ( स्नातक (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ,नई दिल्ली ) एवं स्वर्गीय आशीष स्वामी (स्नातक शांति निकेतन कोलकाता ) को समर्पित है।
नाट्य समारोह का शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि प्रकाश पालीवाल (भूतपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष) पाली,, अध्यक्षता शंभू लाल खट्टर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं धनुषधारी सिंह चंदेल उपाध्यक्ष भाजपा उमरिया, भूतपूर्व भाजपा अध्यक्ष दिलीप पांडे , देवानंद स्वामी , गोपाल सरकार (वरिष्ठ रंगकर्मी).. वरिष्ठ रंग कमी और साहित्यकार राज राजकुमार महोबिया, देवानंद स्वामी , मानपुर से ओपी द्विवेदी एवं अन्य प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।

अभिनय और नाटक को दर्शकों ने भरपूर सराहा
पहला नाटक शिकारी (द सिडक्शन ) विश्व प्रसिद्ध नाटककार एंटन चेखव द्वारा लिखित यह नाटक एक रंगीले नौजवान और एक दंपत्ति पर आधारित था जो हंसी मजाक और गुदगुदी पैदा करता हुआ अंत में एक गंभीर संदेश देकर जाता है। नाटक का डायरेक्शन ख्याति प्राप्त रंगकर्मी पंकज दुबे (फिल्म एक्टर) ने किया, इस नाटक में अभिनय किय दिव्य प्रकाश द्विवेदी श्रीमती क्षमा दुबे एवं विनीश तोमर ने । इन सभी के अभिनय को और नाटक को दर्शकों ने भरपूर सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से इसका आनंद लिया।

वृद्ध व्यक्ति और जनगणना अधिकारी के संवाद प्रस्तुत
दूसरी प्रस्तुति “मौसा जी” प्रख्यात लेखक उदय प्रकाश की कहानी पर आधारित रही। इसमें एक वृद्ध व्यक्ति और जनगणना अधिकारी के संवाद के माध्यम से जीवन की संवेदनाओं, अकेलेपन और सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और इसे भी खूब सराहना मिली। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार एवं व्याख्याता प्रदीप सिंह गहलोत ने किया।
“उल्लू पंचायत” का मंचन
आयोजकों के अनुसार यह तीन दिवसीय नाट्य समारोह 17 मई से शुरू हुआ है, जिसके तहत 18 मई को रीवा की रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा “तुमने क्यों कहा था मैं खूबसूरत हूं” का मंचन किया गया। यह प्रस्तुति लेखक यशपाल की कहानी पर आधारित है, जिसका परिकल्पना एवं संयोजन अंकित मिश्रा और निर्देशन गौरव सिंह राजपूत द्वारा किया गया है। वहीं 19 मई को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित बास थिएटर सोसाइटी द्वारा “उल्लू पंचायत” का मंचन होगा।
संगीत परिकल्पना एवं निर्देशन मोहन सागर ने किया
इस प्रस्तुति का मार्गदर्शन डॉ. योगेंद्र चौबे द्वारा किया गया है, जबकि संगीत परिकल्पना एवं निर्देशन मोहन सागर द्वारा किया गया है। समारोह के आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल उमरिया की रंगमंचीय परंपरा को नई ऊर्जा देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को थिएटर से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






