रिलायंस मप्र में 3.8 लाख महिलाओं को बनाएगा सशक्त लखपति दीदी
.भोपाल । रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन द्वारा एमपीएसआरएलएम (मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) के सहयोग से संचालित स्वयंश्री कार्यक्रम ने अब तक मध्य प्रदेश में 3.8 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनने की दिशा में सशक्त बनाया है। इस अवसर पर भोपाल में स्वयंश्री सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें नीति निर्माताओं, सामाजिक संस्थाओं, उद्योग जगत और महिला समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और महिलाओं की आजीविका को मज़बूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
सम्मेलन में बोलते हुए एमपीएसआरएलएम की सीईओ हर्षिका सिंह (आईएएस) ने कहा कि स्वयंश्री कार्यक्रम ने महिलाओं को अपनी पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर नए सपने देखने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों और संघों के माध्यम से लाखों महिलाएँ अपनी आय बढ़ाने के काम में जुड़ी हैं और यह मॉडल जिले और राज्य स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।
रिलायंस फाउंडेशन की महिला सशक्तिकरण प्रमुख एन. दीप्ति रेड्डी ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने और उनकी आय में सुधार करने का एक मज़बूत साधन है।
गेट्स फाउंडेशन के निदेशक अलकेश वाधवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लखपति दीदी” विज़न से प्रेरित होकर स्वयंश्री कार्यक्रम महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसर बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार, निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठनों का मिलकर काम करना ही बड़े पैमाने पर महिलाओं के जीवन में बदलाव ला सकता है। कार्यक्रम के दौरान ‘महिलाओं की आजीविका को मज़बूत बनाने के लिए मध्य प्रदेश की सर्वोत्तम प्रथाएं’ नामक एक संग्रह भी जारी किया गया।
इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा की दस लाख महिलाओं तक पहुंचना है और उनकी घरेलू आय को न्यूनतम एक लाख रुपये वार्षिक तक बढ़ाना है। यह कार्यक्रम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से लागू किया जा रहा है। रिलायंस फाउंडेशन, श्रीमती नीता एम अंबानी द्वारा स्थापित सामाजिक संस्था है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, गांवों का विकास, महिला सशक्तिकरण और खेल जैसे क्षेत्रों में काम कर चुकी है और करोड़ों लोगों तक पहुंची है। गेट्स फाउंडेशन एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो स्वास्थ्य सुधारने, गरीबी कम करने और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए दुनिया भर में काम करती है और इसका मुख्यालय अमेरिका में है।

