भगवान भरोसे : नि:शुल्क बस सेवा के नाम पर सांदीपनि विद्यालय द्वारा छात्रों की जिंदगी से किया जा खिलवाड़ : ओपी द्विवेदी
बजरंग बहादुर सोनी. मानपुर
उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय स्थित शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा संचालित नि:शुल्क छात्र बस सेवा भगवान भरोसे चल रही है। नि:शुल्क छात्र बस सेवा के नाम पर विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। क्योंकि स्कूल प्रबंधन द्वारा संचालित बस पूरी तरह कंडम है, लेकिन जिम्मेदार इससे नजरें चुरा रहे हैं।
सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के प्रबंधन द्वारा छात्र की जिंदगी को लेकर बरती जा रही इस घोर लापरवाही के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पीसीसी प्रतिनिधि ओपी द्विवेदी ने अनियमितताओं के आरोप लागते हुए राज्यपाल के नाम मानपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बस सेवा की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- ओपी द्विवेदी के नेतृत्व में इन लोगों ने सौपा ज्ञापन
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष ओपी द्विवेदी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज सिंह बघेल, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष व पार्षद राहुल द्विवेदी, कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह, एडवोकेट सुनील तिवारी,गगन मिश्रा, राजेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र भट्ट, अंबिका प्रसाद चौधरी, मूलचंद कोरी, सुशील सोनी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
- विधायक ने हाल ही में 14 जुलाई को किया था नि:शुल्क परिवहन सेवा का शुभारंभ
ओपी द्विवेदी ने बताया कि 14 जुलाई को स्थानीय विधायक द्वारा विधिवत रूप से नि:शुल्क परिवहन सेवा का शुभारंभ किया गया था, लेकिन महज दूसरे दिन ही योजना की हकीकत सामने आ गई। जब दमना रूट की एक बस बीच बाजार में ही खराब हो गई।
- पुरानी और कंडम बसों को हायर कर आनन-फानन में की सेवा शुरू
कांग्रेसजनों का आरोप है कि पुरानी और कंडम बसों को हायर कर आनन-फानन में सेवा शुरू कर दी गई, जिनमें से कई बसें तो सडक़ चलाने लायक भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उर्दना-लखनोटी रूट पर चल रही एक अन्य बस भी घिसे हुए टायरों के कारण फिसलकर गड्ढे में धंस गई और बड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला गया। तब कहीं जाकर बच्चों की जान बच पाई।
- बसों का फिटनेस और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं
बताया जा रहा है कि जिन बसों को स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क चलाया गया है उन बसों बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। क्योंकि ना तो ड्राइवर प्रशिक्षित हैं, न ही बसों के फिटनेस और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।
- ज्ञापन में की जांच की मांग, सभी 9 बसों का टेंडर निरस्त करने की अपील
ज्ञापन में सभी 9 बसों के बीमा, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन, ड्राइवर के लाइसेंस की जांच की मांग करते हुए कहा गया है कि इस टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए,नई और सुरक्षित बसों के लिए पुन: टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए,बच्चों के आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

