विभाग के फार्मों की अनदेखी नहीं करें , नहीं तो नोटिस आने की संभावना
भोपाल। टैक्स लॉ बार एसोसिएशन द्वारा अपने सदस्यों के लिए आयकर विवरणी भरने में विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे वार्षिक सूचना लेखा-जोखा एवं लेनदेन सूचना लेखा-जोखा का उपयोग कैसे करना है एवं उसमें उपलब्ध जानकारी का उपयोग आयकर विवरणी भरने में कैसे करना है इस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसे युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश सक्सेना ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे इन फार्मों की हमें अनदेखी नहीं करना है, विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे इन फार्मों में अलग-अलग स्रोतों से जानकारी दो बार आ जाती है इसका हमें ध्यान रखना है नहीं तो कर की देनदारी बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया की बैंक खातों से निश्चित सीमा से अधिक नगद निकालने या जमा करने पर विभाग से नोटिस आने की संभावना है।
किसी भारतीय करदाता को विदेशी कंपनियों से प्राप्त होने वाले डिविडेंड पर आयकर देने की जिम्मेदारी है इसी प्रकार सूचना पत्र में कभी-कभी शेयरों की खरीदी का मूल्य शून्य दर्शा दिया जाता है जिसे जांच कर भरना आवश्यक है अन्यथा पूंजीगत लाभ कर देने की जवाबदारी आ सकती है। आयकर विभाग के पास विभिन्न स्रोतों से बहुत जानकारी आ रही है इसलिए हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हमने जो भी लेनदेन किया है वह हम सरकार से छुपा लेंगे, विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जानकारी का मिलान करने के बाद करदाताओं को सूचना पत्र जारी कर रहा है एवं उसके आने के बाद छुपाई गई आय पर कई गुना शास्ती के साथ कर देना पड़ सकता है। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मृदुल आर्य , वरिष्ठ सदस्य भूपेश खुरपिया, राजेश्वर दयाल, गोविंद वसंता ,हर्ष गुप्ता, अनिल जैन आदि उपस्थित थे।

