एवीएस न्यूज. मुंबई 
देश के बड़े हिंदी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म हंगामा OTT ने अपनी नई ओरिजिनल सीरीज विनी की किताब की घोषणा कर दी है, जो 11 दिसम्बर 2025 से स्ट्रीम हो रही है। छह एपिसोड की यह दमदार ड्रामा सीरीज आलिषा पंवार के बिल्कुल नए अंदाज के साथ सामने आती है। उनके साथ अभिषेक कपूर, संजय गगनानी, मानसी जैन और अफरीन अल्वी जैसे कलाकार नजर आएँगे।
कसोल की शांत वादियों में बसाई गई यह कहानी विनी की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। एक छोटे शहर की शांत स्वभाव वाली लड़की, जो अपनी गहरी इच्छाएँ अपनी निजी डायरी में लिखती रहती है। उसे अंदाज़ा भी नहीं होता कि इन्हीं राज़ों के उजागर होने से उसकी दुनिया उलट–पुलट हो जाएगी। जब उसकी सबसे निजी बातें ऐसी जगह पहुँच जाती हैं, जहाँ वह कभी नहीं चाहती थी, तो विनी के सामने एक बड़ा फैसला खड़ा हो जाता है, चुप रहना या अपनी कहानी वापस अपने हाथ में लेना।
चाहत और सम्मान, शर्म और ताक़त, इन सबके बीच विन्नी खुद को समझने और पहचानने की एक ऐसी यात्रा पर निकलती है, जहाँ उसे समाज की कसौटियों से टकराते हुए खुद को नए सिरे से परिभाषित करना पड़ता है।

हंगामा डिजिटल मीडिया के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर संजीव लांबा कहते हैं, “विनी की किताब" इसलिए खास है क्योंकि यह उन ज़िंदगियों को सामने लाती है, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। कई महिलाएँ अपने भीतर पूरी एक दुनिया लेकर चलती हैं। यह सीरीज़ उसी दुनिया को आवाज़ देती है और उन फैसलों को जगह देती है, जो वे अपने भीतर चुपचाप लेती हैं।”
विनी का किरदार निभाने वाली आलिषा पंवार कहती हैं, “विनी मेरे करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक है। बाहर से वह शांत और सधी हुई लगती है, लेकिन भीतर भावनाओं का तूफ़ान चलता है। उसके सन्नाटे, उसकी हिम्मत और उसकी बगावत को महसूस करते हुए निभाना मेरे लिए बेहद सीख देने वाला अनुभव रहा।”
अभिषेक कपूर, जो विनी के पति नवीन नौटियाल की भूमिका में हैं, बताते हैं, “इस सीरीज़ की सबसे खास बात यह है कि यह दिखाती है कि सबसे शांत दिखने वाली ज़िंदगियों में भी कितनी बड़ी लड़ाइयाँ चलती रहती हैं। विनी के बदलाव का हिस्सा बनना और उनके रिश्ते की भावनात्मक परतों को देखना मेरे लिए गहरा अनुभव रहा।”
मानसी जैन, जो कहानी की अहम विरोधी सरला का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, “सरला की धोखाधड़ी ही कहानी का मोड़ बनती है। वह विन्नी को अपने ही पति के जरिए उसकी डायरी छपवाने के लिए उकसाती है। असल जिंदगी में मैं ऐसी हरकत को कभी सही नहीं मानूँगी, लेकिन इस टकराव को निभाना बेहद तीव्र और दमदार रहा।”

संजय गगनानी, जो प्रकाशक की भूमिका में हैं, कहते हैं, 'विनी की किताब' तयशुदा फार्मूले से हटकर चलती है और इंसानी कमजोरियों, महत्वाकांक्षा और उसके नतीजों में गहराई से उतरती है। हर किरदार अपने भीतर कई धुँधले रंग लिए है, जो कहानी को और ज्यादा सच्चा, कच्चा और दिलचस्प बनाते हैं।”

अफरीन अल्वी इस सीरीज़ की भावनात्मक गूँज पर कहती हैं, “यह कहानी उन अनकही तकलीफों को सामने लाती है, जो कई महिलाएँ बंद दरवाज़ों के पीछे झेलती हैं। मेरे लिए सबसे खास यह था कि इस कहानी ने चाहत, सम्मान और फैसले जैसे मुद्दों को बिना किसी जजमेंट के बेहद निडरता से रखा है।”


'विनी की किताब' एक ऐसी महिला के मन की इच्छाओं, उसके भीतर के संघर्षों और उसके बदलने की उस यात्रा को दिखाती है, जिसकी जिंदगी अब तक दूसरे तय करते आए थे। बारीक कहानी–कहानी और दमदार थीम्स के साथ यह सीरीज़ उन महिलाओं की दुनिया को सामने लाती है, जो बाहर से शांत दिखती हैं, लेकिन अपने भीतर पूरा एक संसार समेटे होती हैं।