एवीएस न्यूज.भोपाल 


ऑल इंडिया मोटर परिवहन कांग्रेस (एआईएमटीसी) के तीन दिवसीय  चक्काजाम हड़ताल  के समर्थन में आज से मध्य प्रदेश से दिल्ली एनसीआर जाने वाले करीब 70 हजार वाहनों के पहिए थम गए।  हड़ताल का उद्देश्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से परिवहन क्षेत्र के कर्मचारियों की मांगों को मान्यता दिलाना है।

एआईएमटीसी ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली जाने वाले वाणिज्यिक वाहनों पर ग्रीन टैक्स या पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर में भारी वृद्धि, बीएस-6 वाणिज्यिक वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंधों और आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के साथ-साथ खाली लौटने वाले वाहनों पर पडऩे वाले बोझ के खिलाफ था। 


एआईएमटीसी के अध्यक्ष हरीश सभरवाल सहित सीएल मुकाती, ​विजय कालरा, ​राजेन्द्र त्रेहान, ​अमरजीत सिंह बग्गा, ​राकेश तिवारी, ​हरीश डाबर (भोपाल), ​परमजीत सिंह (जबलपुर), ​संजय गुप्ता (सतना), ​सुनील माहेश्वरी (ग्वालियर), ​रफीक भाई (खंडवा), ​नीरज (सागर) सहित प्रदेशभर ट्रांसपोर्टरों ने एकजुटता दिखाते हुए एक स्वर में 60 से अधिक परिवहन संघ और यूनियनें हमारे आह्वान का समर्थन कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र, जिसे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, प्रतिदिन राजमार्गों, शहरों, गांवों और औद्योगिक गलियारों के माध्यम से अनाज, सब्जियां, दूध, दवाएं, औद्योगिक सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करता है गलत नीतियों से परेशान है।

  ट्रांसपोर्टरों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि यदि तत्काल व्यावहारिक सुधारात्मक उपाय लागू नहीं किए गए, तो देश को आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है, जिससे व्यापारी, निर्माता, छोटे व्यवसाय, खुदरा बाजार और आम नागरिक प्रभावित होंगे। 


 ट्रांसपोर्टर बोले -हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी
ट्रांसपोर्टर सीएल मुकाती  ने कहाकि आंदोलन केवल ट्रांसपोर्टरों के अस्तित्व के लिए ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक जीवनरेखा की निर्बाध आवाजाही की रक्षा के लिए भी है। ट्रक चालकों, निजी बसों, टैक्सी और मैक्सी कैब संचालकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एआईएमटीसी ने एक बैठक आयोजित की, जिसमें उपकर वृद्धि पर चर्चा हुई।

एआईएमटीसी के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी, लेकिन इसका असर यात्रियों और माल परिवहन पर महसूस किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और हड़ताल के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।