- सीआईआई जहाज निर्माण राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन: विजन 2047 की ओर भारत के जहाज निर्माण रोडमैप का अनावरण
नई दिल्ली। गोवा विजन 2037 पहल के साथ भारत के समुद्री विकास में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है, जो राज्य को एक हरित, स्मार्ट और निर्यात-संचालित जहाज निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई ) के सतत जहाज निर्माण शिखर सम्मेलन पर सीआईआई सम्मेलन में जारी रणनीतिक अध्ययन, समुद्री अमृत काल विज़न 2047 की ओर भारतीय जहाज निर्माण रोडमैप विषय के अंतर्गत एक दीर्घकालिक रोडमैप की नींव रखेगा।
इसके उद्योग के वित्त वर्ष 24 में आईएनआर 2,865 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 37 तक आईएनआर 64,058 करोड़ तक रिकॉर्ड 27 फीसदी जीएजीआरपर पहुंचने का अनुमान है, गोवा का नेतृत्व भारत के वैश्विक स्तर पर 20वें से 10वें स्थान पर पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विरासत शिपयार्ड और एसएमई के एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा समर्थित, राज्य विशिष्ट, हरित और सेवा-उन्मुख जहाजों के लिए देश का पावरहाउस बनने के लिए तैयार है।
इस मौके पर सुभाष फल देसाई, समाज कल्याण, नदी नौ वहन, अभिलेखागार एवं पुरातत्व मंत्री, गोवा सरकार, शांतनु ठाकुर राज्य मंत्री, बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय भारत सरकार डिजिटल उपस्थिति थे। इसके अलावा अर्जुन चौगुले अध्यक्ष, सीआईआई गोवा राज्य परिषद एवं कार्यकारी निदेशक, चौगुले एंड कंपनी, सुश्री स्वाति सलगांवकर सीआईआई पश्चिम रेलवे की पूर्व अध्यक्ष एवं अध्यक्ष, वीएम सलगांवकर एंड ब्रदर प्राइवेट लिमिटेड सुश्री वैशाली श्रीवास्तव, सीआईआई क्षेत्रीय निदेशक प्रसाद सावंत संयोजक, सीआईआई गोवा जहाज निर्माण एवं रक्षा पैनल एवं सीईओ, ब्यूयेंसी कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियरिंग एलएलपी आदि मौजूद रहे।

