सीएजी  के सर्वे में खुलासा: भारत की सड़कों पर  दौड़ रहे 260 मिलियन टू-व्हीलर 


 एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
 भारत की सड़कों पर इस समय लगभग 260 मिलियन टू-व्हीलर (डेटा फॉर इंडिया के मुताबिक) दौड़ रहे हैं, जिससे प्रदर्शित होता है कि टू-व्हीलर आवागमन का सबसे आम और सुविधाजनक तरीका बन गए हैं। टू-व्हीलर्स के इतने व्यापक उपयोग के कारण राईडर और पिलियन की सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।  सड़क एवं परिवहन मंत्रालय (मोर्थ) की वार्षिक रिपोर्ट  2023 के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 54,000 राईडर और पिलियन पैसेंजर हेलमेट नहीं पहने हुए थे। यह देश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के 31 प्रतिशत से भी अधिक है।  सिटिज़न कंज़्यूमर एंड सिविक एक्शन ग्रुप (सीएजी) द्वारा साल 2024 में किए गए सर्वे में सामने आया कि बच्चों द्वारा हेलमेट का उपयोग बहुत कम किया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हेलमेट पहनने से मौत का खतरा छः गुना तक कम तथा मस्तिष्क को चोट पहुंचने का खतरा 74 प्रतिशत तक कम हो जाता है।   
सिटिज़न कंज़्यूमर एंड सिविक एक्शन ग्रुप (सीएजी) द्वारा साल 2024 में किए गए सर्वे में सामने आया कि बच्चों द्वारा हेलमेट का उपयोग बहुत कम किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हेलमेट पहनने से मौत का खतरा छः गुना तक कम तथा मस्तिष्क को चोट पहुँचने का खतरा 74 प्रतिशत तक कम हो जाता है। ये आँकड़े प्रदर्शित करते हैं कि अगर हम सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतते हैं, तो उसके कितने गंभीर नतीजे हो सकते हैं। 
पर अब टू-व्हीलर्स पर बच्चों की सुरक्षा के बारे में बातचीत बढ़ रही है। लोगों को यह समझ में आ रहा है कि सुरक्षा की आदतों का विकास कम उम्र से ही किया जाना चाहिए।

बच्चों को भी हेलमेट पहनना जरूरी होना चाहिए। ब्रांड्स भी इसका बुद्धिमत्तापूर्ण उपाय कर रहे हैं। एथर जैसे ब्रांड ने बच्चों के लिए डिज़ाईन की गई हेलमेट बाजार में पेश की हैं। इन्हें एथर जूनियर हेलमेट कहा जाता है। ये व्यस्कों की हेलमेट का केवल छोटा संस्करण ही नहीं हैं, बल्कि आईएसआई सर्टिफाईड भी हैं। इन्हें बच्चों के लिए आकर्षक भी बनाया गया है। शानदार डिज़ाईन के साथ ये आरामदायक फिट में आती हैं, ताकि बच्चे इन्हें हर बार पहनने के लिए प्रोत्साहित हों। 
इसके अलावा, टू-व्हीलर्स के निमार्ण में भी सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया जा रहा है। टू-व्हीलर निर्माता ऐसे आधुनिक फीचर पेश कर रहे हैं, जो दुर्घटना होने से पहले ही उसे रोकने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, एथर के इलेक्ट्रिक स्कूटर में दी गई टेक्नोलॉजी स्कूटर के गिरने से पहले ही उसकी पॉवर को काट देती है, ताकि राईडर को ज्यादा चोट न लगे। जब एथर का इलेक्ट्रिक स्कूटर खराब सड़क पर फिसलता है, तो इसका सिस्टम इसे संतुलित करके राईड को स्थिर बनाता है।

एथर के इलेक्ट्रिक स्कूटर में राईड शेयरिंग फीचर दिया गया है, जिसकी मदद से राईडर्स अपने स्मार्टफोन का उपयोग किए बिना राईड के दौरान अपनी लोकेशन अपने परिवार के साथ साझा कर सकते हैं। इन फीचर्स को चलाने के लिए मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। ये अपने आप बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं, जिससे राईड हर किसी के लिए सुरक्षित बनती है। सुरक्षा को हलके में कभी नहीं लेना चाहिए। टू-व्हीलर राईडर्स को सुरक्षा पर सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए, फिर चाहे वह इलेक्ट्रिक स्कूटर के फीचर्स की मदद से हो या फिर हेलमेट पहनकर।