मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान : डेटा की तरह सस्ती होगी एआई, जियो जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से
7 साल में करेंगे 10 लाख करोड़ रुपए निवेश, जामनगर में गीगावॉट-स्केल एआई इंफ्र
एआई, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को नई गति देगा- अंबानी
एवीएस न्यूज. मुंबई
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “भारत इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता” और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब “इंटेलिजेंस एरा” से जोड़ेगा।
इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा कि यह निवेश भारत में मजबूत एआई ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा। कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट एआई -रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। साथ ही जियो अपने नेटवर्क के जरिए देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध कराएगा, जिससे एआई सेवाएं कम लागत और तेज़ गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें।
जियो एआई भारतीय भाषाओं में काम करेगा
अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो एआई भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। इसी क्रम में शिक्षा के लिए जियो शिक्षा एआई , स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य एआई ,कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत आईक्यू जैसे प्लेटफॉर्म पेश किए गए, जो स्थानीय भाषाओं में एआई आधारित सहायता उपलब्ध कराएंगे।
कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी एआई को इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में
मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी एआई शक्ति बन सकता है, बशर्ते तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। जियो की इन घोषणाओं से संकेत मिलता है कि कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी एआई को अगला राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एआई से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। एआई नौकरियां नहीं छीनेंगा बल्कि, यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नए अवसर पैदा करेगा।
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में नई गति देगी
अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि एआई -आधारित विकास की यह पहल, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकती है।.

