भोपाल में डाबर ने शुरू किया ‘पुदीना द वंडर हर्ब’ अभियान
- विशेषज्ञों ने बताए पुदीने के आयुर्वेदिक लाभ
एवीएस न्यूज.भोपाल
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के लाभों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डाबर इंडिया लिमिटेड ने भोपाल में ‘पुदीना द वंडर हर्ब’ अभियान की शुरुआत की। इस स्वास्थ्य जागरुकता अभियान के माध्यम से लोगों को पुदीने के प्राकृतिक और औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पीटीकेएलएस गवर्नमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शुचि दुबे ने पुदीने की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुदीना एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है, जो विशेष रूप से गर्मी के मौसम में शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और लू के प्रभाव के कारण गर्मियों में पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में पुदीने का उपयोग पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में सहायक हो सकता है।
डाबर इंडिया लिमिटेड के हेड-सीएसआर एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन व्यास आनंद ने कहा कि बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों को प्रभावी और प्राकृतिक स्वास्थ्य समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि डाबर पारंपरिक आयुर्वेद को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुदीन हरा गैस, बदहजमी और एसिडिटी जैसी पेट संबंधी समस्याओं में राहत देने वाला आयुर्वेदिक समाधान है। डॉ. शुचि दुबे ने बताया कि आयुर्वेद में पुदीने का उपयोग लंबे समय से होता आया है। उन्होंने कहा कि पुदीना लगभग 3,000 वर्षों पुरानी औषधीय परंपरा से जुड़ा है और इसमें मौजूद मेन्थॉल पाचन से जुड़े एंजाइमों को सक्रिय करने, पेट की मांसपेशियों को आराम देने और अपच, पेट की ऐंठन, अम्लता एवं पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत देने में सहायक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि बाजार में उपलब्ध कई एंटासिड में एल्यूमीनियम और मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड जैसे रसायन पाए जाते हैं, जबकि डाबर पुदीन हरा आयुर्वेदिक आधार पर तैयार उत्पाद है। यह गैस, अपच, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याओं के लिए पुदीना सत्व के गुणों पर आधारित है। डाबर पुदीन हरा वर्तमान में टैबलेट, लिक्विड, पाउडर और पुदीन हरा फिज जैसे विभिन्न रूपों में उपलब्ध है। कंपनी का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक स्वास्थ्य देखभाल और आयुर्वेदिक समाधानों के प्रति जागरूक करना है।






