गुजरात पर्यटन में धारोई और वडनगर बने खास आकर्षण
एवीएस न्यूज. अहमदाबाद
उत्तर गुजरात के धारोई डैम और वडनगर इन दिनों पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। हाल ही में फेमिना मिस इंडिया 2023 की फर्स्ट रनर-अप श्रेया पूंजा और फेमिना मिस इंडिया 2024 की फर्स्ट रनर-अप रेखा पांडे ने इन स्थलों का दौरा कर यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य का अनुभव लिया।
अहमदाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित धारोई डैम अपने विशाल जल क्षेत्र, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। सिंचाई और जल प्रबंधन के उद्देश्य से बनाए गए इस डैम को अब इको-टूरिज्म और एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा रहा है। यहां से नियंत्रित जल प्रवाह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी सहयोग देता है।
धारोई की खासियत इसके बीच फैले छोटे-छोटे प्राकृतिक द्वीप हैं, जो इसे एक अनोखा पर्यटन स्थल बनाते हैं। सूर्यास्त के समय यहां का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक होता है। पर्यटकों के लिए यहां पैरासेलिंग, साइक्लिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, ज़िपलाइन और बोटिंग जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा चुकी हैं।
दौरे के दौरान श्रेया पूंजा ने कहा कि धारोई का शांत वातावरण और प्राकृतिक विस्तार इसे एक्सपीरिएंशल स्टे और इको-रिसॉर्ट्स के लिए उपयुक्त बनाता है। वहीं, धारोई से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित वडनगर अपने समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। करीब 2500 वर्ष पुराने इस शहर में हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। पुरातात्विक खुदाई में यहां प्राचीन संरचनाओं और बसावट के प्रमाण भी मिले हैं।
वडनगर के प्रमुख आकर्षणों में कीर्ति तोरण, हाटकेश्वर महादेव मंदिर और शर्मिष्ठा झील शामिल हैं, जहां इतिहास, आस्था और वास्तुकला का अनूठा संगम देखने को मिलता है। हाल ही में शुरू हुआ आर्कियोलॉजिकल एक्सपीरिएंशल म्यूज़ियम भी पर्यटकों को शहर के अतीत से जोड़ने का काम कर रहा है।
रेखा पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वडनगर में विभिन्न परंपराओं का संगम इसे विशेष बनाता है और यह स्थान सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए भी है।
धारोई और वडनगर की खासियत उनका आपसी संतुलन है—एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य और एडवेंचर गतिविधियां, तो दूसरी ओर ऐतिहासिक विरासत और शांति। यही वजह है कि ये दोनों स्थल मिलकर उत्तर गुजरात में एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव प्रदान कर रहे हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन स्थलों का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए, तो यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।

