एवीएस न्यूज. भोपाल


औद्योगिक संगठन  पीथमपुर अध्यक्ष  सीए (डॉ.)गौतम कोठारी डी.लिट.ने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों  के लिए आसान ऋण और कम नियम-कायदे का संतुलन बनाया जाए, ताकि वे 'आत्मनिर्भर भारत' का हिस्सा बन सकें।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर और तेज गति से सब्सिडी मिले। इसके साथ ही यह मांग की गई है कि मध्य प्रदेश औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 के तहत, व्यवसायों के लिए कर फाइलिंग, निरीक्षण और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए। 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन दरों को अद्यतन करने की तैयारी की जाए।  राज्य में रियल एस्टेट नीति-2019 के अंतर्गत भूमि रिकॉर्ड को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग  के साथ जोड़कर पारदर्शी विकास सुनिश्चित किया जाए। 
 

 गैस आधारित ईंधन पर वैट कटौती
 वर्तमान 14 फीसदी  वैट को पड़ोसी राज्यों के समकक्ष 3–4 फीसदी करने की मांग है जिससे  उत्पादन लागत में कमी, निर्यात प्रतिस्पर्धा में वृद्धि और ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा।   निवेश आकर्षण और प्रदूषण नियंत्रण दोनों में सकारात्मक परिणाम होंगे।  एमएसएमई और क्लस्टर विकास के लिए ब्याज अनुदान, पूंजी सब्सिडी और तकनीकी उन्नयन योजनाओं की अपेक्षा है। जिला-स्तरीय औद्योगिक क्लस्टर और “वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-प्रोडक्ट” को प्रोत्साहनका प्रस्ताव हो । समयबद्ध भुगतान कानून का सख्त क्रियान्वयन का प्रावधान किया जाए ।
 

 इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स अपग्रेड 
औद्योगिक क्षेत्रों में आंतरिक सड़कों का चौड़ीकरण और रख-रखाव अपेक्षित है। निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति हेतु अधोसंरचना विकास के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान किया जाये।  मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और ड्राई पोर्ट सुविधाओं का विस्तार किया जाये।
 

स्टार्टअप्स के लिए टैक्स राहत, विशेष “इनोवेशन ज़ोन”
इंडस्ट्री-लिंक्ड स्किल , डेवलपमेंट सेंटर, अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन और रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजनाएँ अपेक्षित हैं । नए उभरते मुद्दे-ईवी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं बैटरी निर्माण के लिए विशेष पैकेज दिया जाए । सिंगल-विंडो सिस्टम का सशक्तिकरण करते हुए अनुमतियों की समय-सीमा तय किए जाने हेतु विशेष नियम प्रस्तावित किए जाएँ ।निर्यात प्रोत्साहन हेतु राज्य से निर्यात करने वाली इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन की व्यवस्था तथा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: इंडस्ट्री 4.0 और ऑटोमेशन के लिए अनुदान का प्रावधान किया जाये ।
 

 उद्योग जगत को अब नीतिगत स्पष्टता और क्रियान्वयन की गति,दोनों की प्रतीक्षा है
यदि सरकार गैस पर वैट में युक्तिसंगत कटौती और एमएसएमई व इंफ्राक्चर पर ठोस प्रावधान करती है, तो यह बजट मध्य प्रदेश को एक प्रतिस्पर्धी, हरित और रोजगार-उन्मुख औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है। उद्योग जगत को अब नीतिगत स्पष्टता और क्रियान्वयन की गति,दोनों की प्रतीक्षा है।