भोपाल। अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी संजय दुबे को क्रेडाई भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष लंबे समय से लंबित 52 मुद्दों की एक प्रतिवेदन रिपोर्ट सौंपी।  क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने एसीएस संजय दुबे से भेंट कर बताया कि कुछ विषय 8 से 11 वर्ष से अटके हुए हैं, जबकि औसत लंबित अवधि 3 से 5 वर्ष है। जो  रेरा, नगर निगम और कलेक्टर गाइडलाइन से जुड़े कई बिंदु सीधे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रभावित करते हैं। एसीएस ने इस पर भी गंभीरता से विचार करने और नियमित अंतराल पर प्रगति साझा करने का आश्वासन दिया।


 - राजधानी को एआई लाइटहाउस सिटी, क्लीन कंप्यूट कैपिटल और क्वांटम टेक्नोलॉजी हब बनाने का विजन के बारे में बताया
इस दरमियान प्रतिनिधिमंडल ने रेरा और शहरी विकास से जुड़े कुछ बिंदुओं पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया। इसके साथ राजधानी को एआई लाइटहाउस सिटी, क्लीन कंप्यूट कैपिटल और क्वांटम टेक्नोलॉजी हब बनाने का विजन के बारे में बताया।  जिस पर एसीएस ने भरोसा दिया और कहा कि राज्य सरकार राजधानी क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। भेल की रिक्त जमीन के विषय पर केंद्र सरकार से संवाद में प्रगति हुई है। उन्होंने स्वयं इन मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत संवाद सुनिश्चित करेंगे। क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष मनोज मीक सहित, समीर सबरवाल, संजीव ठाकुर, विपिन गोयल तथा वासिक हुसैन शामिल हुए।


 -  मुलाकात उत्साहजनक रही
 क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक ने बताया कि यह मुलाकात उत्साहजनक रही। एसीएस द्वारा विषय-वार समीक्षा और समयबद्ध समाधान की रूपरेखा से राजधानी क्षेत्र के विकास की राह आसान होगी। भोपाल विकास योजना 2047 का प्रकाशन, रेरा अनुपालन का सरलीकरण और इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, सब मिलकर भोपाल को फ्यूचर-रेडी रीजन बनाएंगे। लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के साथ-साथ ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट पर कार्यान्वयन हमारी प्राथमिकता है।