- सीआईआई शिखर सम्मेलन में उद्योग जगत की हस्तियों ने कहा: भारत न केवल घरेलू समृद्धि के लिए तैयार है, बल्कि एक नई विश्व व्यवस्था को आकार और उभरने के लिए भी है तैयार
एवीएस न्यूज. भोपाल
सीआईआई शिखर सम्मेलन ने लचीलेपन, नवाचार और समावेशिता के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। सम्मेलन में शामिल हुए उद्योग जगत की हस्तियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद, तकनीकी नेतृत्व और सहयोगात्मक साझेदारियां वैश्विक अनिश्चितता के बीच परिवर्तन को गति प्रदान करेंगी। विश्लेशकों ने कहकि भारत न केवल घरेलू समृद्धि के लिए तैयार है, बल्कि एक नई विश्व व्यवस्था को आकार देने वाले एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में उभरने के लिए भी तैयार है।

उद्योग ने विकास के एक नए युग के लिए खुद को नए सिरे से तैयार किया : केवी कामथ
सम्मेलन में सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के चेयरमैन केवी कामथ ने भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद पर कहाकि भारत की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और हमारे उद्योग ने विकास के एक नए युग के लिए खुद को नए सिरे से तैयार किया है। आज हर निवेश को परिवर्तन के एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। शहरी केंद्रों का पुनर्निर्माण करना, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार करना और किफायती, नवोन्मेषी समाधान तैयार करना।
विकसित भारत एक प्राचीन परिकल्पना है जिसे अब प्रौद्योगिकी का भरपूर समर्थन प्राप्त है : आशीष कुमार
एनएसई इंडिया के प्रबंध एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर देते हुए कहाकि विकसित भारत एक प्राचीन परिकल्पना है जिसे अब प्रौद्योगिकी का भरपूर समर्थन प्राप्त है। नवाचार की लहरों के तेज होने के साथ, भारत को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी होगी, विचारों को धन में परिवर्तित करना होगा, जीवन स्तर में सुधार लाना होगा और युवा पीढ़ी को सशक्त बनाना होगा।
भारत स्थिरता का प्रतीक है, सतत और समावेशी विकास देता है गति : आचार्य
जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध एवं सीईओ जयंत आचार्य ने लचीलेपन और आत्मनिर्भरता के बारे में बात करते हुए कहाकि अस्थिरता और खंडित आपूर्ति श्रृंखलाओं की दुनिया में, आत्मनिर्भरता अब कोई विकल्प नहीं बल्कि एक रणनीतिक अनिवार्यता है। भारत स्थिरता का प्रतीक है, जो लचीलेपन, सतत विकास और समावेशी विकास को गति प्रदान करता है।
विकसित भारत की यात्रा सरकार, उद्योग और सभी हितधारकों का सामूहिक संकल्प: राजन
सीआईआई काउंसिल ऑन इंडिया@100 के अध्यक्ष और जेटसिंथेसिस के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजन नवानी ने सहयोग का आह्वान करते हुए कहाकि विकसित भारत की यात्रा के लिए सरकार, उद्योग और सभी हितधारकों के सामूहिक संकल्प की आवश्यकता है, जो सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करें। आर्थिक प्रगति को अधिकतम करने के लिए, हमें निडर होकर नवाचार करना होगा, शिक्षा और कौशल विकास को रूपांतरित करना होगा।
भारत का सपना केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि प्रगति और सहिष्णुता का प्रतीक है: खंबाटा
सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष और रसना प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष पीरूज खंबाटा ने समावेशी प्रगति के अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहाकि भारत का सपना केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि यह शून्य गरीबी, शून्य भूख, सार्वभौमिक गरिमा और सभी के लिए अवसर का दृष्टिकोण है। हम एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं जो प्रगति और सहिष्णुता का प्रतीक बने।
विकसित भारत का निर्माण उद्योग, नवाचार और मानव पूंजी की मजबूत नींव पर होगा: बागला
ऋषि कुमार बागला अध्यक्ष, सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बीजी इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड ने समावेशिता के महत्व पर कहाकि भारत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां महत्वाकांक्षा को कार्यों से जोड़ना होगा और विकास में समावेशिता को अपनाना होगा। विकसित भारत का निर्माण उद्योग, नवाचार और मानव पूंजी की मजबूत नींव पर होगा, जो प्रौद्योगिकी और विश्वास से संचालित होगी।
विकसित भारत का अर्थ है बदलती वैश्विक व्यवस्था में जिम्मेदारी का नेतृत्व करना: आडवाणी
वीर आडवाणी, उपाध्यक्ष, सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए कहाकि दुनिया अनिश्चितता और अवसरों से आकार ले रही है और इस परिवर्तन के केंद्र में भारत खड़ा है। विकसित भारत का अर्थ केवल घरेलू समृद्धि नहीं है, इसका अर्थ है बदलती वैश्विक व्यवस्था में जिम्मेदारी से नेतृत्व करना।

