बेंगलुरु। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने भारत में पर्यावरण संरक्षण और लोगों की सेहत के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। 2015 में शुरू किए गए टोयोटा एनवॉयरमेंटल चैलेंज 2050 (टीईसी 2050) की 6 चुनौतियों के आधार पर, टीकेएम कार्बन उत्सर्जन को कम करने, अपने उत्पादों, विनिर्माण प्रक्रियाओं और पूरी सप्‍लाई चेन में स्‍थायी तरीके अपनाकर बदलाव ला रहा है। साथ ही, यह प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और प्रभावी परियोजनाओं के जरिए समुदायों को बेहतर बनाने का काम कर रहा है।

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस हमें याद दिलाता है कि पर्यावरण की गुणवत्ता और लोगों का स्वास्थ्य आपस में जुड़े हैं। स्वच्छ हवा, पानी, प्रभावी कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देकर, यह दिन पर्यावरण की रक्षा के महत्व को दर्शाता है। टीकेएम की पर्यावरण के अनुकूल पहलें उत्सर्जन और संसाधनों को बचाने के साथ-साथ स्वस्थ समुदायों को बढ़ावा देती हैं।

'पृथ्वी के लिए सम्मान' (रेस्‍पेक्‍ट फॉर द प्‍लैनेट) के सिद्धांत के साथ, टीकेएम ने अपने उत्पादों, उत्‍पादन प्रक्रियाओं और सामुदायिक कार्यक्रमों में नए विचारों और स्पष्ट लक्ष्यों को शामिल किया है, ताकि ठोस और बड़े पैमाने पर परिणाम मिल सकें।

 

लीडरशिप का वक्‍तव्‍य

अपनी राय व्यक्त करते हुएटोयोटा किर्लोस्कर मोटर के एक्‍जीक्‍यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्‍टर -मैन्‍युफैक्‍चरिंगश्री बी. पद्मनाभ ने कहा"टीकेएम मेंसस्‍टेनेबिलिटी हमारे संचालननवाचार और विकास का आधार है। पिछले एक साल मेंहमने कई क्षेत्रों में निर्णायक प्रगति की हैजैसे कि बिदादी संयंत्र में 100% रिन्‍युएबल एनर्जी का उपयोगवैल्‍यू चेन में डीकार्बनाइजेशन को बढ़ावा देना और चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना। अपने प्रयासों की मदद सेहमने व्यापक सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। अपने साझेदारोंहितधारकों और कर्मचारियों के साथ मिलकरहम भारत और उसके बाहर एक स्थायी भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में मदद कर रहे हैं।"

 

इको-एफिशिएंट उत्‍पादन और संसाधन प्रबंधन

बिदादी संयंत्रों मेंटीकेएम 2035 तक अपने उत्‍पादन में जीरो कार्बन उत्सर्जन और 2050 तक पूरी वैल्‍यू चेन में जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:

●        रिन्‍यूएबल एनर्जी: टीकेएम ने 100% नवीकरणीय बिजली का उपयोग शुरू किया है, जिसमें 50.4 मेगावाट की सौर और पवन ऊर्जा शामिल है। इससे हर साल 83,000 टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन कम हुआ है। ऊर्जा-बचत तकनीकों से हर साल बिजली की खपत भी घट रही है।

●        जल संरक्षण: उत्पादन के लिए 89% पानी अब रीसाइक्लिंग और बारिश के पानी से लिया जा रहा है। कंपनी के पास 18 रिचार्ज गड्ढे और दो तालाब हैं, जिनकी कुल क्षमता 51,000 घन मीटर है। विशेष तकनीकों (MBR और RO) से 60% गंदे पानी को साफ करके फिर से उपयोग किया जा रहा है।

●        कचरा प्रबंधन: टीकेएम ने सभी कारखानों में जीरो-वेस्‍ट-लैंडफिल का लक्ष्य हासिल किया है, जिसमें 96% से ज्यादा कचरे को रीसाइक्ल किया जाता है। कंपनी भारत की वाहन स्क्रैप नीति का समर्थन करती है और पुराने वाहनों को रीसाइकल करने के लिए चैनल बना रही है।

●        जैव विविधता और कार्बन संग्रहण: टोयोटा ग्रीन वेव प्रोजेक्ट के तहत, टीकेएम ने 112.4 एकड़ में हरियाली विकसित की है, जो 790+ पौधों और 410+ जीव-जंतुओं की प्रजातियों का घर है। मियावाकी वृक्षारोपण ने 8,118 टन कार्बन सोखा है, जो प्रति एकड़ 30.86 टन है, जबकि सामान्य वृक्षारोपण में यह 8.45 टन प्रति एकड़ है।

25 एकड़ का इकोज़ोन एक्‍सपेरिएंशल लर्निंग हब पर्यावरण शिक्षा के लिए एक शक्तिशाली सामुदायिक मंच के रूप में काम करता है, जो 40,000 से अधिक छात्रों और हितधारकों को इको-चैंपियन बनने के लिए प्रेरित करता है।

वैल्‍यू चेन का डीकार्बनाइजेशन

मैन्‍युफैक्‍चरिंग के अलावा, टीकेएम ने ग्रीन सप्‍लाई चेन पहलों को मजबूत किया है। कंपनी ने सप्‍लायर के लिए सख्त ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक, और शासन) कॉम्‍प्‍लाएंस फ्रेमवर्क लागू किए हैं और ग्रीन लॉजिस्टिक्स संचालन शुरू किए हैं ताकि उत्पाद के पूरे लाइफसाइल में छिपे उत्सर्जन को कम किया जा सके। इसके इको-डीलरशिप नेटवर्क कस्‍टमर टच प्‍वाइंट्स पर भी सस्‍टेनेबिलिटी को शामिल करते हैं, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है और हितधारकों का अनुभव बेहतर होता है।