सहयोग नहीं मिलने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, कार्यकारिणी के पदाधिकािरयों, सदस्यों ने किया पाली के आरोपों का खंडन
इस्तीफे को लेकर पदाधिकारी और सदस्यों की दो बार हुईं बैठक
बैठक में अध्यक्ष पाली को नहीं बुलाया गया
नियम है कि इस्तीफे के बाद अध्यक्ष का पक्ष भी जानना चाहिए
चुनावी घोषणा होने के बाद सिर्फ मनोनीत सदस्य ही इस्तीफा मंजूर कर सकते हैं
भोपाल। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के इस्तीफे की पेशकश के बाद सियासत भी गरमा गई है। शनिवार को इसे लेकर पदाधिकारी और सदस्यों की दो बार बैठकें हुईं, लेकिन इसमें इस्तीफा देने वाले अध्यक्ष पाली को नहीं बुलाया गया। ऐसे में नियम-कायदों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नियम है कि इस्तीफे के बाद अध्यक्ष का पक्ष भी जानना चाहिए। वहीं, चुनावी घोषणा होने के बाद सिर्फ मनोनीत सदस्य ही इस्तीफा मंजूर कर सकते हैं। ऐसे में मौजूदा कार्यकारिणी को इस्तीफा मंजूर करने का अधिकार ही नहीं है।
बता दें कि अध्यक्ष पाली ने शुक्रवार देर रात अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। इस संबंध में उन्होंने महासचिव आदित्य जैन 'मान्या' को लेटर भी लिखा था। इसमें कहा कि 3 साल 9 महीने पहले मैंने पद ग्रहण किया था और तब से अभी तक पूर्ण रूप से अपना कार्य निभाया। आगामी चुनाव की तारीख 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच की घोषणा कर दी।
तेज कुलपाल सिंह पाली के इस्तीफे के बाद राजधानी के व्यापारिक संगठनों में उथल-पुथल मच गई है। व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों को यह बात हजम नहीं हो रही है कि चेंबर अध्यक्ष पाली ने इस्तीफा क्यों दिया, जबकि 15 दिन पहले चेंबर की वार्षिक साधारण सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई और चुनाव की घोषणा भी की गई, लेकिन चुनाव की घोषणा के 15 दिन बाद आखिरकार चेंबर अध्यक्ष ने शुक्रवार की रात को इस्तीफा क्यों लिखा।
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ और कानून जानकारों के अनुसार साधारण सभा संपन्न होने के बाद और चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद इस्तीफा देने का कोई मतलब ही नहीं होता है, क्योंकि चुनाव की घोषणा साधारण सभा में कर दी गई थी फिर भी यदि की कोई भी पदाधिकारी इस्तीफा किसी कारण बस देता है तो इस्तीफा मंजूर करने के पहले आपातकालीन बैठक बुलाई जाती है जिसमे अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी कार्यकारिणी सदस्य और मनोनीत सदस्य आमंत्रित किए जाते हैं। इसके पूर्व एजेंडा जारी किया जाता है कि उक्त महत्वपूर्ण संबंध पर यह आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, मगर भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के ही इस्तीफा दिए जाने के बाद समस्त कार्यकारिणी ही भंग हो जाती है तो फिर ऐसी स्थिति में आपातकालीन बैठक सिर्फ मनोनीत सदस्य ही बुलाते हैं, जिसमें अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्यों को आमंत्रित किया जाता है। इसके बाद बैठक में दिए गए इस्तीफा पर विचार विमर्श किया जाता है और सभी की सहमत पर ही मनोनीत सदस्य उक्त इस्तीफा को मंजूर या फिर ना मंजूर करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं, मगर अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद चेंबर में चेंबर के ही बायोलॉजी की धज्जियां उड़ाई गई। चेंबर अध्यक्ष के इस्तीफे को महामंत्री आदित्य मनिया ने जहां सोशल मीडिया पर वायरल किया, वहीं शनिवार को राजनीतिक दल और उद्योगपति के साथ अपने सहयोगी और चेंबर के कुछ पदाधिकारी के साथ बैठक की। शनिवार की शाम को करीब 6 बजे चेंबर कार्यालय में भी बैठक बुलाई गई, जिसमें पदाधिकारी कार्यकारिणी सदस्यों को ही आमंत्रित किया गया। बैठक में चेंबर अध्यक्ष तेज कुलपल सिंह पाली को इसकी किसी भी प्रकार से सूचना नहीं दी गई। महामंत्री और अन्य पदाधिकारी ने चेंबर के मनोनीत सदस्यों को भी आमंत्रित नहीं किया। कुल मिलाकर चेंबर कार्यालय में हुई राजनीतिक दलगत नेता और महामंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में चेंबर के नियम कानून को दर किनार कर स्वयंभू निर्णय लेने पर जोर दिया गया।
इस्तीफा क्यों दिया इसकी जानकारी के लिए अध्यक्ष को बैठक में आमंत्रित नहीं किया
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ सदस्यों के अनुसार बैठक में अध्यक्ष ने भले ही इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इस्तीफा क्यों दिया इसका क्या कारण है इसकी जानकारी के लिए अध्यक्ष को बैठक में आमंत्रित करना अति आवश्यक था, जो नहीं हुआ। मनोनीत सदस्यों को भी आमंत्रित नहीं किया गया, जिन्हें यह अधिकार प्राप्त है कि अध्यक्ष के इस्तीफे पर विचार करें। वरिष्टों की माने तो भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स को विगत 3 वर्षों में जो सम्मान और बुलंद हासिल हुई है, इसका श्रेय चेंबर के अध्यक्ष तेज कुलपल सिंह पाली को जाता है, लेकिन चेंबर ऑफ कॉमर्स के संपूर्ण कार्यकारिणी में कुछ विरोधी लोग जो दलगत नेताओं से जुड़े हुए हैं, इस व्यापारिक संस्था में भी राजनीतिक घुसपैठ को सरोकार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यापारिक संस्था है ना कि राजनीतिक संस्था, जिसमें किसी राजनीतिक या दलगत नेता की घुसपैठ हो। कहा जा रहा है कि अगर अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है तो संपूर्ण कार्यकारिणी का पहला दायित्व किया था कि उनकी विचारधारा को जानना था िक उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया।
सभा के बाद कार्यालय में कोई पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुआ: पाली
भोपाल भोपाल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष तेज कुलपल सिंह पाली से उनके द्वारा इस्तीफा देने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वार्षिक साधारण सभा हुए 15 दिन गुजर गए, जिसमें चुनाव की भी घोषणा की गई। चुनाव दिसंबर में होना तय हुआ, लेकिन सभा संपन्न होने के बाद आज तक भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में कोई पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, ताकि होने वाले चुनाव की तैयारी शुरू की जा सके। पाली ने बताया कि चेंबर के करीब 2000 सदस्य मुझे फोन लगाकर यह पूछ रहे हैं कि चुनाव की क्या तैयारी है। चुनाव की प्रक्रिया कहां तक पहुंची, लेकिन चेंबर के उपाध्यक्ष, महामंत्री सहित अन्य सभी पदाधिकारी के रवैए के चलते में इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुआ, लेकिन विडंबना कि महामंत्री सहित चेंबर के अन्य पदाधिकारी ने मेरे इस्तीफा को मंजूर करने का स्वयंभू का निर्णय लेने को तैयार हैं। इस पूरे मामले में मेरा मत नहीं लिया जा रहा है और ना ही बैठक में मुझे आमंत्रित किया गया। किसी प्रकार से कोई पदाधिकारी ने फोन नहीं किया। मुझे तो दूर मनोनीत सदस्यों को भी बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया
पदाधिकारियांे ने आपातकालीन बैठक बुलाई
शनिवार को तेज कुल सिह पाली के इस्तीफे दिए जाने के सम्बन्ध में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। जिसमे अध्यक्ष पाली ने कार्यकारिणी पर जो आरोप लगाए हैं, उसका उपस्थित कार्यकारिणी पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोजित सदस्यों ने व्यक्तिगत रूप से खंडन किया। सभी का कहना है कि सहयोग नही मिलता तो 3 साल का कार्यकाल एवं 9 माह का एक्सटेशन कैसे मिल गया। विचार-विमर्श के बाद अध्यक्ष से फोन पर बात की गइ तो उन्होंने कहा कि सोमवार को बैठकर बात करेंगे। उनकी इस बात पर सभी की सहमति नही बनी एवं सभी सदस्यों ने निर्णय लेकर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया एवं निर्णय लिया गया कि सोमवार को सम्पूर्ण कार्यकारिणी, पदाधिकारी, कार्यकारी सदस्यों तथा सहयोजित सदस्य को सूचना देकर बैठक बुलाई जाएगी एवं सहमति के साथ कार्यकारी अध्यक्ष का निर्णय लिया जाएगा। बैठक में तीनों उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष एवं कार्यकािरणी के सदस्य एवं 1 सहयोजित सदस्य शामिल थे।

