रैसेंस भारत के बड़े प्रतिष्ठित औद्योगिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों में देती है सेवाएं
फूड सर्विसेज़ मार्केट में रैसेंस का बढा दायरा, ग्राहोकों की संतुष्टि ही भरोसा
इंप्लाइजों को देते हैं, सभी वैधानिक लाभ और स्वास्थ्य बीमा
भोपाल। भारत के फूड इंडस्ट्री में तेजी से बदल आ रहा है। बेंगलुरु की कंपनी रैसेंस प्राइवेट लिमिटेड भी समय-समय पर अपना बदलाव करती है। रैसेंस भारत में सबसे बड़ी घरेलू फूड सर्विस प्रदान करने वाली कंपनियों में से एक है। मंगलवार को रामकुमार राजाराम, ईवीपी ऑपरेशन और स्वर्णा पदमिनी राजमणि मेंबर बोर्ड और चीफ बिजनेस ऑफिसर ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी कंपनी 14 वर्ष पुरानी है, जिसमें करीब 4500 लोग काम करते हैं। हम अपने इंप्लाइजों का विशेष ध्यान देते हैं। सभी वैधानिक लाभ और स्वास्थ्य बीमा प्राप्त हैं। भारत के बड़े प्रतिष्ठित औद्योगिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को भी हमारी कंपनी अपनी सेवाएं प्रदान करती है। इस कंपनी के सीईओ संजय कुमार हैं, जिन्होंने काफी मेहनत कर कंपनी को कामयाबी दिलाई है।
राजस्व बढ़कर 480 करोड़ रुपए हो गया
स्वर्णा पदमिनी राजमणि ने बताया कि हम विनिर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित अपने सभी ग्राहक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि देख रहे हैं। उस समय कंपनी का राजस्व लगभग 200 करोड़ रुपए था। आज, वित्त वर्ष 2025 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 480 करोड़ रुपए हो गया है, जिसमें ईबीआईटीडीए मार्जिन लगभग 5 फीसदी है। चेन्नई स्थित रासेंस कंपनी एआई और आईओटी तकनीकों का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कॉर्पोरेट खाद्य सेवा का लाभप्रद व्यवसाय संचालित करती है। लगभग 500 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व के साथ, यह मारुति सुजुकी, एल एंड टी, आईआईटी और अन्य ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है।उन्होंने आगे कहा कि हम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करते हैं। जितनी अधिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा, लाभ मार्जिन में सुधार की संभावना उतनी ही अधिक होगी। हमारी कंपनी लोगों को अच्छे फूड की सप्लाई करते हुए लोगों का भरोसा जीतती है।
शेफ को पहले देते हैं ट्रेनिंग
स्वर्णा पदमिनी ने बताया कि हमारी कंपनी 1 जनवरी 2026 में टाटा मोटर के साथ भी काम रकेगी। रैसेंस प्राइवेट लिमिटेड भारत के विभिन्न क्षेत्रों में सर्विस देती है। हम विभिन्न राज्यों में वहां के लोकल शेफ के साथ काम करके नए नए व्यंजनों के साथ स्थानीय फूड भी लोगों को परोश कर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास करते हैं। हम अपने शेफ को पहले ट्रेनिंग देते हैं उसके बाद स्थानीय शेफ को साथ रहा काम करते हैं।

