एयरटेल की धोखाधड़ी विरोधी मुहिम से ग्राहकों के वित्तीय नुकसान में 70 फीसदी की कमी
नई दिल्ली । एयरटेल के धोखाधड़ी-रोधी उपायों ने ग्राहकों के वित्तीय नुकसान को लगभग 70 फीसदी कम किया है, क्योंकि यह एआई-आधारित तकनीक का उपयोग करके स्पैम और धोखाधड़ी कॉल को रोकता है। कंपनी ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी और स्पैम कॉल और संदेशों से बचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
भारती एयरटेल ने घोषणा की है कि उसके द्वारा शुरू की गई एंटी-फ्रॉड पहलों के चलते साइबर अपराध की शिकायतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इस प्रभाव की पुष्टि हाल ही में गृह मंत्रालय (एमएचए) के भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से भी हुई है। गृह मंत्रालय-आई 4 सी के अनुसार, एयरटेल नेटवर्क पर वित्तीय नुकसान के मूल्य में 68.7 फीसदी की भारी गिरावट और कुल साइबर अपराध मामलों में14.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि साइबर अपराधों पर रोक लगाने और ग्राहकों के लिए सुरक्षित नेटवर्क उपलब्ध कराने में एयरटेल का फ्रॉड डिटेक्शन समाधान बेहद असरदार साबित हुआ है।
गृह मंत्रालय-आई4सी द्वारा किए गए विश्लेषण में सितंबर 2024 और जून 2025 के बीच साइबर अपराध से जुड़े प्रमुख संकेतकों की तुलना की गई है
भारती एयरटेल के वाइस चेयरमैन व प्रबंध निदेशक गोपाल विट्टल ने कहाकि हमारा मिशन अपने ग्राहकों को स्पैम और वित्तीय धोखाधड़ी से पूरी तरह मुक्त करना है। पिछले एक वर्ष में, हमारे एआई-आधारित नेटवर्क सॉल्यूशंस ने 48.3 बिलियन से अधिक स्पैम कॉल्स की पहचान की और 3.2 लाख धोखाधड़ी वाले संदिग्ध लिंक्स को ब्लॉक किया। हम साइबर अपराध और धोखाधड़ी के ख़तरों को समाप्त करने के उद्देश्य से अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करते रहेंगे।
कंपनी ने भारत का पहला नेटवर्क-आधारित एआई-पावर्ड स्पैम डिटेक्शन सॉल्यूशन लॉन्च किया। इस पहल ने स्पैम कॉल्स और मैसेजेस की बढ़ती समस्या को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

